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क्रेडिट कार्ड पर लगने वाले चार्जेज जो पड़ सकते हैं भारी, अप्लाई करने से पहले जान लें

charges on a credit card

आज के समय में क्रेडिट कार्ड का उपयोग लगातार बढ़ता जा रहा है। क्रेडिट कार्ड लेने के बाद जीने का अंदाज काफी बदल जाता है। यहां सबसे बड़ी खुशी इस बात की होती है कि, अब खरीदारी करने के लिए सैलरी आने तक का इंतजार नहीं करना होगा। किसी प्रकार की इमरजेंसी होने पर हम तुरंत अपने क्रेडिट कार्ड के जरिए पेमेंट कर सकते हैं। इसके फायदों को देखते हुए यह बात बिल्कुल सही है कि क्रेडिट कार्ड हर इंसान के लिए बेहद जरूरी है। अगर आप भी क्रेडिट कार्ड का उपयोग करते हैं? या भविष्य में इसके उपयोग के बारे में सोच रहें हैं, तो आपको क्रेडिट कार्ड पर लगने वाले शुल्क के बारे में जरूर जानकारी होनी चाहिए। आज इस लेख के माध्यम से हम आपको क्रेडिट कार्ड पर लगने वाले सभी प्रकार के शुल्क के बारे में बताने जा रहे हैं।

क्रेडिट कार्ड पर लगने वाले ये 10 चार्ज, जिनके बारे में आपको पता होना चाहिए

1- सालाना चार्ज

क्रेडिट कार्ड उपयोग करने पर आपको इसका सालाना चार्ज देना होता है। ये एक ऐसा शुल्क है, जो अलग-अलग बैंकों में अलग-अलग लगाया जाता है। हालांकि कुछ ऐसी बैंकें हैं जो वार्षिक चार्ज लेती हैं, तो कुछ ऐसी भी हैं जो शुल्क नहीं लेती हैं। अगर आप निर्धारित समय सीमा से ज्यादा समय तक क्रेडिट कार्ड का प्रयोग करते हैं तो ये फीस आपको वापस भी कर दी जाती है। ऐसे में अगर आप भी क्रेडिट कार्ड लेने के बारे में सोच रहे हैं, तो आपको जानकारी होनी चाहिए कि वो उसपर वार्षिक शुल्क तो नहीं लगा रहे हैं। अगर ये चार्ज लगाया जा रहा है तो एक निर्धारित सीमा तक खर्च के बाद शुल्क रिटर्न पॉलिसी है या नहीं और सालाना चार्ज को ध्यान में रखते हुए ही आपको क्रेडिट कार्ड लेना चाहिए।

2- क्रेडिट कार्ड बकाया पर ब्याज

यह एक ऐसा चार्ज में जो हर बैंक लगाता है, लेकिन यह शुल्क सिर्फ उन्हीं लोगों पर लगाया जाता है जो एक निर्धारित समय सीमा के अंदर कार्ड का बिल नहीं देते हैं। यानी अगर आप क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल कर रहे हैं और निर्धारित समय पर भुगतान कर देते हैं तो आपको ये चार्ज नहीं देना होगा। अगर आपकी तरफ से समय पर बिल का भुगतान नहीं किया जाता तो क्रेडिट कार्ड कंपनी आपसे भारी भरकम ब्याज वसूल सकती है। ध्यान रहें, यहां पर मिनिमम ड्यू का भुगतान करने के बाद भी आप ब्याज से नहीं बच सकते हैं। इसलिए हमेशा याद रहे ड्यू डेट तक अपने कार्ड का बिल जरूर भर दें, वरना आपसे 40 फीसदी तक का ब्याज वसूला जा सकता है।

3- अंतर्राष्ट्रीय लेन-देन पर शुल्क

क्रेडिट कार्ड से अंतर्राष्ट्रीय लेनदेन करने पर आपको अतिरिक्त चार्ज देना पड़ता है। इसे विदेशी लेनदेन शुल्क के रूप में जाना जाता है, जो आम तौर पर लेनदेन राशि का 1-3% होता है। ये शुल्क तब लगाया जाता है, जब आप किसी विदेशी मुद्रा में भुगतान करते हैं या फिर आपके द्वारा किया गया लेनदेन विदेशी बैंक के माध्यम से किया जाता है। हालांकि अब कई बैंक यात्रा क्रेडिट कार्ड जारी करते हैं, जो विदेशी लेनदेन शुल्क माफ करते हैं या कुछ विदेशी लेनदेन पर लागू शुल्क को सीमित करते हैं।

4- देर से भुगतान शुल्क

अगर आप क्रेडिट कार्ड से भुगतान करने के बाद निर्धारित समय पर उसके बिल का भुगतान नहीं करते हो, तो ऐसी स्थिति में आप पर देरी भुगतान शुल्क लगाया जाएगा। आमतौर पर बकाया राशि की सीमा के आधार पर और बैंक से बैंक में अलग-अलग शुल्क के आधार पर लेट फीस ली जाती है। इसलिए देय तारीख से पहले कम से कम राशि का भुगतान करने की सलाह दी जाती है।

5- नकद निकासी शुल्क

आप अपने क्रेडिट कार्ड का उपयोग नकदी निकालने के लिए भी कर सकते हैं, लेकिन ये पूरी तरह फ्री नहीं होता, इसके लिए आपको एक शुल्क देना होता है। जिसको नकद निकासी शुल्क के तौर पर जाना जाता है। नकद निकासी की लिमिट आपकी क्रेडिट सीमा पर निर्भर करती है। आमतौर पर क्रेडिट के 40% पर कैप की जाती है। नकद निकासी राशि वापस लेने के बाद ब्याज का अधिग्रहण करती है, जिसमें ब्याज 3-5% राशि से लिया जाता है।

6- वस्तु एवं सेवा (GST) शुल्क

क्रेडिट कार्ड के सभी प्रकार के बिलों का समय पर भुगतान इसलिए भी जरूरी है, क्योंकि सभी क्रेडिट कार्ड शुल्क और ब्याज शुल्क,  देर से भुगतान शुल्क, वार्षिक शुल्क, नकद अग्रिम शुल्क, ईएमआई शुल्क, आदि पर 18% GST लागू होता है। इसलिए सभी प्रकार के अनावश्यक शुल्कों के साथ-साथ GST से भी बचने के लिए आपको अपने बिलों का भुगतान समय पर ही करना चाहिए।

7- ओवरड्राफ्ट लिमिट से ज्यादा पर शुल्क

अगर आप क्रेडिट कार्ड यूजर हैं तो आपको कार्ड की ओवरड्राफ्ट लिमिट जरूर पता होनी चाहिए। अगर आप क्रेडिट लिमिट पार करके बुगतान करते हैं तो आपको अतिरिक्त फीस देनी पड़ सकती है। यह कार्ड से अधिक निकासी करने की लिमिट का एक निश्चित प्रतिशत होती है। हालांकि कई बार यह निश्चित प्रतिशत से अधिक भी हो सकती है।

8- बैलेंस ट्रांसफर शुल्क

जब आप एक क्रेडिट कार्ड से दूसरे क्रेडिट कार्ड में बैलेंस ट्रांसफर करते हैं, तो इसपर एक बैलेंस ट्रांसफर शुल्क लिया जाता है। यह शुल्क ट्रांसफर करने वाली राशि का एक प्रतिशत होता है। यह चार्ज आमतौर पर बैलेंस ट्रांसफर कार्ड्स पर लिया जाता है,  जो कि कर्ज का भुगतान करते समय पैसे बचाने का एक प्रभावी तरीका हो सकता है। यह कम एपीआर की तरह भत्तों का लाभ उठाने का एक अच्छा तरीका है। इसलिए यह शुल्क हमेशा क्रेडिट कार्ड धारकों से ही लिया जाता है।

9- ओवरसीज ट्रांजेक्शन चार्ज

जब भी कोई बैंक आपको अपना क्रेडिट कार्ड देता है तो उसी समय कार्ड की काफी सारी खूबियों के बारे में आपको जरूर बताता है, जैसे- आप उनके क्रेडिट कार्ड को विदेशों में भी इस्तेमाल कर सकते हैं। हालांकि ध्यान देने की जरूरत है कि अगर आप क्रेडिट कार्ड का उपयोग विदेशों में कुछ शॉपिंग के लिए करते हैं तो इसपर भारी भरकम चार्ज भी लगते हैं। विदेश यात्रा के दौरान शॉपिंग करने से पहले अपने बैंक से ये सुनिश्चित कर लीजिए कि वहां शॉपिंग करने पर वह आप पर कितना चार्ज लगाने वाला है।

10- सरचार्ज शुल्क

अगर आप अपने क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल वाहन में तेल भरवाने के लिए करते हैं तो इसपर भी आपको एक सरचार्ज शुल्क देना होता है। लगभग सभी क्रेडिट कार्ड्स कंपनियां अपने ग्राहकों पर यह चार्ज लगाती हैं। हालांकि ज्यादातर बैंक यह बात साफ कर देती हैं कि सरचार्ज रिफंड हो जाएगा। अधिकतर बैंकों द्वारा तो एक निश्चित सीमा तक सरचार्ज रिफंड मिल भी जाता है, लेकिन अगर बैंक की तरफ से आपको ऐसी कोई जानकारी नहीं दी जाती है तो उससे स्पष्ट जरूर कर लें।

निष्कर्ष

जैसा कि हमने आपको शुरुआत में बताया है डिजिटलीकरण के साथ-साथ क्रेडिट कार्ड का उपयोग लगातार बढ़ता जा रहा है। हालांकि क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करने के अनेक फायदे हैं तो वहीं इससे जुड़ी कुछ हानियां भी हैं। इसलिए आपको इससे जुड़ी जानकारियों को अच्छे से समझ लेना चाहिए। अगर आप हमारे द्वारा बताई गई बातों को ध्यान में रखते हुए क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं, तो आपको किसी प्रकार के अनावश्यक शुल्क से बचने में सहायता होगी।