ऐसी 10 गलतियां जो आपके व्हीकल या कार इंश्योरेंस क्लेम को खारिज कर सकती हैं!

कार इंश्योरेंस क्लेम खारिज होने के मुख्य कारण

घर में वाहन का होना आपके सम्मान को बढ़ावा देता है, इसलिए इसकी सुरक्षा और अच्छी देखभाल करना बेहद जरूरी होता है। अगर आपके घर में भी दोपहिया या चार पहिया वाहन है तो आपको वाहन इंश्योरेंस के बारे सही जानकारी होना बेहद जरूरी है। यह आपको वाहन के चोरी और एक्सीडेंट से लेकर ट्रैफिक पुलिस के जुर्माने से भी बचाता है, लेकिन कुछ परिस्थितियों में वाहन इंश्योरेंस होने पर भी आपको इसका लाभ नहीं मिल पाता। आज हम इस लेख के माध्यम से आपको बताने वाले हैं कि, आखिर ऐसी कौन सी परिस्थितियां जिनमें आपका इंश्योरेंस क्लेम का दावा मान्य नहीं होगा और कंपनी की तरफ से आपको क्लेम की राशि भी नहीं दी जाएगी।

इन 10 कारणों से आपका कार इंश्योरेंस क्लेम खारिज किया जा सकता हैं!

1. बिना ड्राइविंग लाइसेंस के गाड़ी चलाना : भारत में बिना ड्राइविंग लाइसेंस के गाड़ी चलाना कानूनी अपराध है। अगर किसी भी स्थिति में आप बिना लाइसेंस के अपनी कार चलाते हुए पाए जाते हैं, तो आपको किसी दुर्घटना के लिए उत्तरदायी माना जाएगा। ऐसी स्थिति में बीमा कंपनी दुर्घटना क्लेम के दावे को अस्वीकार करने का अधिकार रखती है।

2. शराब पीकर गाड़ी चलाना : शराब पीकर गाड़ी चलाना यानी अपनी जान को जोखिम में डालना है। यहां आप अपने साथ-साथ दूसरे लोगों को भी हानि पहुंचा सकते हैं। ऐसी स्थिति में अगर आपकी गाड़ी किसी दुर्घटना का शिकार हो जाती है, तो आपका इंश्योरेंस अस्वीकार कर दिया जाएगा। इस स्थिति में आप खुद ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। इसलिए आपको बीमा कंपनी की तरफ से किसी प्रकार का लाभ नहीं मिलेगा।

3. बीमा पॉलिसी समय पर रिन्यूअल न कराना : जिस प्रकार थोड़ी देरी से पहुंचने पर ट्रेन या प्लेन छूट जाती है, जिसके बाद आपकी यात्रा भी अधूरी रह जाती है। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि आप समय पर निर्धारित स्थान पर नहीं पहुंचे। ठीक इसी प्रकार आपको प्रत्येक वर्ष अपनी बीमा पॉलिसी को नवीनीकरण कराना पड़ता है। पॉलिसी को समय पर नवीनीकरण न कराने पर आप इंश्योरेंस का लाभ नहीं उठा सकेंगे। अगर ऐसी स्थिति में आपका वाहन दुर्घटनाग्रस्त होता है, तो बीमा कंपनी क्लेम के दावे को अस्वीकार करने का अधिकार रखती है।

4. अलग मकसद के लिए कार का इस्तेमाल करना : इंश्योरेंस लेते समय आपको बीमा कंपनी को बताना होता है कि, आप अपने वाहन का प्रयोग किस कार्य के लिए करेंगे। आपने बीमा कंपनी को बताया है कि आप निजी इस्तेमाल के लिए वाहन का प्रयोग करेंगे। इसके बाद किसी प्रकार की दुर्घटना होने पर कंपनी की जांच-पड़ताल में पाया जाता है कि इसे व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए प्रयोग किया गया है। ऐसी स्थिति में आप बीमा पॉलिसी का लाभ नहीं उठा सकेंगे। ऐसी स्थिति में कंपनी बीमा क्लेम के दावे को अस्वीकार करने का अधिकार रखती है।

5. क्लेम से पहले कार की मरम्मत करना : इंश्योरेंस क्लेम पाने के लिए सबसे जरूरी है एक्सीडेंट के तुरंत बाद बीमा कंपनी को इसकी जानकारी प्रदान करना। अगर आप दुर्घटना होने के बाद गाड़ी की मरम्मत करवा लेते हैं और उसके बाद इंश्योरेंस के लिए क्लेम करते हैं, तो आपका क्लेम मान्य नहीं होगा। ऐसे दावों को बीमा कंपनी अस्वीकार भी कर सकती है।

6. कार में किए गए बदलावों के बारे में नहीं बताना : अगर आप अपनी गाड़ी में किसी प्रकार का बदलाव करते हैं, तो इसकी जानकारी बीमा कंपनी को जरूर देनी चाहिए। चाहे आपके पास नई गाड़ी हो या पुरानी, चाहे आपने उसकी बनावट में बदलाव किया है या उसके इंजन में, इन सभी की जानकारी बीमा कंपनी को होनी चाहिए। अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो किसी दुर्घटना के बाद आपको इंश्योरेंस का लाभ नहीं मिलेगा। ऐसी स्थिति में बीमा कंपनी क्लेम के दावे को अस्वीकार कर सकती है।

7. ओनरशिप ट्रांसफर न करना : पुरानी गाड़ी खरीदते समय उसका रजिस्ट्रेशन कराने के साथ इंश्योरेंस पॉलिसी को भी अपने नाम पर ट्रांसफर जरूर कराना चाहिए। अगर आपकी कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई है और अभी भी इंश्योरेंस पॉलिसी पूर्व मालिक के नाम है, तो आपका दावा अस्वीकार कर दिया जाएगा।

8. दुर्घटना की सूचना देरी से देना : बीमा का लाभ पाने के लिए सबसे अधिक जरूरी है कि दुर्घटनाग्रस्त गाड़ी की सूचना जल्द ही इंश्योरेंस कंपनी को प्रदान करनी चाहिए। यदि किसी भी संयोग से आप दावे की सूचना देने में पूर्व निर्धारित समय से अधिक समय लेते हैं, तो इस स्थिति में बीमा कंपनी दावे को अस्वीकार करने का अधिकार रखती है।

9. धोखाधड़ी या गलत दावा करना : अगर आप लाभ पाने के उद्देश्य से अपने वाहन को खुद नुकसान पहुंचाते हो तो आपका दावा मान्य नहीं होगा। उदाहरण के लिए अपनी गाड़ी में खुद से तोड़-फोड़ करना, नुकसान पहुंचाना आदि। इस स्थिति में बीमा कंपनी आपके दावे को अस्वीकार कर सकती है और आपके खिलाफ धोखाधड़ी का केस भी दर्ज करा सकती है।

10. वाहन की चाबी न होने पर : आपका वाहन चोरी हो जाने के बाद अगर आप इंश्योरेंस कंपनी में दावा करते हैं, तो इस दौरान आपके पास कार की सभी चाबियां होना आवश्यक है। अगर आपके पास गाड़ी की सभी चाबियां नहीं हैं, तो आपका क्लेम रिजेक्ट भी हो सकता है। इंश्योरेंस कंपनी बीमा के दावे के समय वाहन की सभी चाबियां जमा करने के लिए कह सकती है। अगर आप ऐसा करने में कामयाब होते हैं, तो इस स्थिति में कंपनी आपका इंश्योरेंस क्लेम अस्वीकार कर सकती है।

निष्कर्ष

वाहन चलाते समय आपको कई तरह की खास बातों का ध्यान रखना होता है, उसमें से एक हैं बीमा पॉलिसी की सही जानकारी होना। अगर आप ऊपर बताई गईं सभी बातों को ध्यान में रखते हुए अपने वाहन का क्लेम करते हैं, तो आपका इंश्योरेंस क्लेम कभी अस्वीकार नहीं किया जाएगा।